
ईरान के द्वारा अमेरिका की पनडुब्बी पकड़ी जाना अमेरिका के लिए एक बहुत बड़ी चिंता का विषय है क्योंकि इतिहास गवाह है जब जब ईरान के हाथ अमेरिका के एयरक्राफ्ट हो , मिसाइल हो, या फिर कोई ड्रोन हो। ईरान के हाथ जो भी टेक्नॉलजी लगी हो ईरान ने Reverse Engeeniaring के माध्यम से उसी प्रकार के आधुनिक तकनीकी से निर्मित एयरक्राफ्ट,मिसाइल व ड्रोन बनाए है।
सन 2012 मे अफगानिस्तान मे अमेरिका का एक ड्रोन गिर था जिसकी Reverse Engeeniaring करके वापिस से ईरान ने उस प्रकार के ड्रोन बना लिए।
पनडुब्बी की विशेषता
पनडुब्बी समुद्र के अन्दर व समुद्र के पानी की सतह पर गुप्त रूप से चलने वाला एक जलयान है जिसका उपयोग जासूसी करने, वेज्ञानिक सोध , बचाव एवं खोज, व विभिन्न सैनिक कार्यों को करने मे किया जाता है।
अमेरिकी पनडुब्बी की विशेषता
यह अमेरिका की आधुनिक टेक्नॉलजी से निर्मित पनडुब्बी है यह न्यूक्लियर एनर्जी से चलती है न्यूक्लियर एनर्जी से चलने की वजह से समुद्र मे इसका पता नहीं लगाया जा सकता है। यह समुद्र के नीचे 6 किलोमीटर तक जा सकती है जब ईरान के द्वारा अमेरिका के एयरक्राफ्ट कैरियर व डिस्रोट्रएर पर हमला किया गया तो अमेरिका के द्वारा इसे “स्ट्रैट ऑफ हारमुज” मे ईरान की निगरानी करने के लिए छोड़ दिया इस पनडुब्बी को ड्रोन की तरह कंट्रोल किया जा रहा था अर्थात इसमे कोई भी इंसान नहीं बैठा था
इस पनडुब्बी को पकड़ने के बाद ईरान का ट्वीट आता है कि अमेरिका दावा करता है की उसके द्वारा ईरान की नेवी को पूर्णतः बर्बाद कर दिया गया है परंतु पनडुब्बी को पकड़ने पर कही न कही ईरान ने अपनी नेवी की शक्ति का प्रदर्शन किया है।
🚨BREAKING
— IRIB (Islamic Republic of Iran Broadcasting) (@iribnews_irib) September 8, 2026
Iranian Navy: One of the US military's most advanced unmanned underwater vehicles was seized by Iranian armed forces at the entrance to the Strait of Hormuz during a complex intelligence and field operation and brought into Iran. pic.twitter.com/zCl6a1ph0g
Tweet Taken From IRIB (Islamic Republic of Iran Broadcasting)