
पहले रूस जी-8 का सदस्य हुआ करता था परंतु 2014 मे रूस के द्वारा जब यूक्रेन पर हमला किया गया व क्रिमिया वाले छेत्र को रूस मे मिलाने की वजह से जी-8 के द्वारा रूस को जी -8 समूह से हटा दिया गया ओर उसके बाद यह जी-7 मे बदल गया।जी -7 दुनिया के सबसे पावरफुल देशों का समूह है।
जी-7 दुनिया की 10 % जनसंख्या व दुनिया की 29% जी डी पी रखता है जबकि BRICS दुनिया की 50% जनसंख्या व 40% जी डी पी रखता है
दुनिया का 60% व्यापार डॉलर मे होता है परंतु अब रूस व ईरान ने BRICS के सामने एक नई बात रखी है की क्यू न BRICS सदस्य देश अपनी अपनी करंसी मे व्यापार करे साथ ही एक नए पेमेंट गैटवे का निर्माण किया जाय जो की ब्रीक्स देशों द्वारा नियंत्रित की जाय।
SWIFT Payment Gateway क्या है?
SWIFT का पूरा नाम Society for Worldwide Interbank Financial Telecommunication है। यह दुनिया भर के बैंकों और वित्तीय संस्थानों के बीच अंतरराष्ट्रीय भुगतान से संबंधित सुरक्षित संदेश भेजने की प्रणाली है।
आसान भाषा में, SWIFT को आप बैंकों के बीच अंतरराष्ट्रीय पैसे भेजने के लिए एक सुरक्षित मैसेजिंग नेटवर्क समझ सकते हैं।
उदाहरण
मान लीजिए भारत का कोई व्यक्ति जर्मनी में किसी कंपनी को पैसे भेजता है। बैंक को यह जानकारी दूसरे देश के बैंक तक सुरक्षित तरीके से भेजनी होती है। इस काम में SWIFT नेटवर्क का उपयोग किया जा सकता है।
ईरान का सम्बोधन
ईरान ने भी नए पेमेंट गेटवे को सहमति देते हुए एक नई बात सामने रखी है की समुद्र मे चलने वाले समुद्री जहाजों से संबंधित इन्श्योरेन्स कंपनी की भी बात की है जो की समुद्र मे चल रहे पानी के जहाजों का इन्श्योरेन्स कर सके। अभी तक यह इन्श्योरेन्स पश्चिमी देशों द्वारा किया जाता है।
सम्पूर्ण निष्कर्ष निकाले तो अमेरिका ब्रीक्स का समर्थन नहीं करता है इसमे ज्यादातर वे देश शामिल है जो की अमेरिका को पसंद नहीं करते है अमेरिका आए दिन किसी न किसी पर प्रतिबंध लगाता रहता है डॉलर अमेरिका की करन्सी है जिसमे दुनिया का 60% व्यापार होता है जबकि दुनिया की 40% जी डी पी BRICS देशों के पास है अब ब्रीक्स मे शामिल राष्ट्र भी अपनी करन्सी निकालने पर बिचार कर रहे है जिससे की ट्रम्प द्वारा प्रतिबंध लगाने पर भी BRICS देश अपना व्यापार बनाए रखे।
पुतिन की भारत से ट्रम्प को खुली चेतावनी “क्युकी यदि BRICS देश अपनी करनसी जारी करते है तो इससे दुनिया मे डॉलर की वैल्यू कम होगी व डॉलर पर निर्भरता कम हो जायगी साथ ही अमेरिका द्वारा यदि ब्रीक्स सदस्य देशों पर प्रतिबंध लगाया जाता है तो इसका भी इन देशों पर ज्यादा असर नहीं पड़ेगा।यह कही न कही पुतिन की ट्रम्प के लिए चुनौती है क्युकी अमेरिका के द्वारा सबसे ज्यादा रूस पर प्रतिबंध लगाए गए है।