russia vs ukraine के बीच चल रहे युद्ध को लगभग 4 साल से भी ज्यादा का समय हो गया है परंतु इनके बीच शांति को लेकर किसी भी प्रकार के संकेत नहीं दिखाई दे रहे है इन दोनों देशों के बीच युद्ध बढ़ता ही जा रहा है यह सम्पूर्ण विश्व के लिए एक चिंता का विषय है जैसे जैसे युद्ध आगे बड़ रहा है वैसे वैसे युद्ध मे नए हथियोरो का उपयोग किया जा रहा है यह बहुत ही सोचनीय विषय है यदि इन देशों को न रोका गया तो आने वाले समय मे परमाणु युद्ध होना निश्चित है।
जैविक युद्ध (Biological warfare) क्या है?
यह एक ऐसी स्तिथि जब किसी देश के द्वारा अपने प्रयोगशाला मे बैक्टीरीया, वायरस या विशेले पदार्थ को बनाया जाता है ओर इनका उपयोग जानवरों, मनुष्यों व फशलों को बर्बाद करने मे किया जाता है। जैविक हथियारों का उपयोग करना व उनको बनाना अंतर्राष्ट्रीय कानून के खिलाफ है। युद्ध की स्तिथि मे इसका उपयोग सैनिकों पर किया जा सकता है परंतु इसका प्रभाव आम नागरिक पर भी होता है।
जैसे ही पूरी दुनिया मे कोरोना फैलने से महामारी फेली थी वैसे ही वर्तमान मे साइबेरिया मे टेस्ट ट्यूब टूटने पर प्लैग फेलने की खबर सामने आई है रूस के द्वारा इसकी आधिकारिक जानकारी नहीं दी गई है परंतु जिस छेत्र मे प्लैग फैलने की जानकारी है उस छेत्र को बंद कर दिया गया है। रूस के द्वारा एक ऐसे छेत्र मे प्रयोग किया जा रहा है जहा हजारों वर्षों के जीवाश्म भी सुरक्षित रहते है।
Saddam Husain(इराक) को मारे जाने का कारण भी Biological weapon था माना जाता है की सद्दाम हुसैन के द्वारा जैविक हथियारों को बनाया जा रहा था जिस कारण अमेरिका के राष्ट्रपति जोश बुश ने इनको मरने का आदेश दिया था।
History
इतिहास की बात करे तो जैविक हथियारों का उपयोग अलग अलग देशों द्वारा किया गया है ओर जिस प्रकार का उपयोग विश्व के देशों ने किया है पूरी दुनिया इससे डरी हुई है क्युकी यह एक ऐसा हथियार है जिसके आने पर कुछ भी हलचल नहीं होती ओर यह सीधे शरीर मे प्रवेश करके मनुष्य को तड़पा कर मार देता है। यह सैनिक के साथ आमजन को भी प्रभावित किया है जिसक वजह से इसको सम्पूर्ण विश्व से बैन किया गया है की दुनिया का कोई भी देश इसको नहीं बनाएगा।
निष्कर्ष
जैविक हथियारों का उपयोग करना सम्पूर्ण विश्व के लिए बहुत बड़ी चिंता का विषय है यदि रूस मे प्लेग जैसा वायरस सच मे फैल गया है तो यह विश्व के लिए सोचने का विषय है युद्ध सामान्यतः सैनिकों द्वारा लड़े जाते है परंतु जैविक युद्ध होना किसी भी देश के आम नागरिक को नुकसान पहुचा सकता है।