
ईरान व अमेरिका को युद्ध मे लगभग 6 महीने का समय हो चुका है, ईरान के द्वारा अपने हथियारों , गोला बारूद को बड़ाने का कारण केवल अमेरिका पर हमला करना होता है जिसकी तेयरी ईरान लंबे समय से कर रहा है परंतु दूसरी ओर अमेरिका को यह उम्मीद नहीं थी की जब वह ईरान के साथ युद्ध करेगा तो वह इतना लंबा जाएगा अमेरिका को लगता था की वह महीने भर के अन्दर ही ईरान पर विजय प्राप्त कर लेगा। (वर्तमान मे अमेरिका के न्यूज मे इस खबर का आना की अमेरिका मे हथियार एवं गोला बारूद खत्म होने की स्तिथि मे है जिसकी वजह से अमेरिका लंबे समय तक ईरान से युद्ध नहीं लड़ सकता है जब यह खबर बाहर आई तो अमेरिका के द्वारा अपने अधिकारियों के ही पॉलीग्राफी टेस्ट कराए जा रहे है जिससे यह पता चले की किस अधिकारी के द्वारा इस खबर को बाहर लीक किया गया है पॉलीग्राफी झूठ पकड़ने वाली मशीन होती है) इस्राइल के द्वारा ईरान के सुप्रीम लीडर खेमनई को मारना जिससे ईरान मे नेतृत्व की कमी के चलते अमेरिका शांति ब्यवस्था इसथापित नहीं कर पा रहा है।

अभी हाल ही मे ईरान के द्वारा अमेरिका के एयरक्राफ्ट कैरियर व डिस्ट्रॉयर पर हमला किया जिसकी पुष्टि स्वयं अमेरिका ने की है बदले की कार्यवाही मे अमेरिका के द्वारा ईरान के ऑइल टैंकर पर हमला किया जो की ईरान मे “स्ट्रैट ऑफ हारमुज” से बाहर निकल रहे थे।

Aircraft Carrier की विशेषता
यह समुद्र के भीतर विमानों को उड़ाने व वापास समुद्र मे उतारने, हेलिकाप्टर संचालित करना , नौसैन्य के अभियानों मे सहायता करना, दूर समुद्री छेत्रों मे हवाई शक्ति पहुचाना, आसान भाषा मे बात करे तो यह समुद्र मे चलता हुआ एरबेस होता है क्योंकि एयरक्राफ्ट जब एक लंबी दूरी तय करते है तो उसे फ्यूल भरने तथा रोकने के लिए एयरक्राफ्ट कैरियर बहुत महत्वपूर्ण हो जाता है।
डिस्ट्रॉयर

ईरान के द्वारा अभी भी अमेरिका सैनिक को मरने पर 30000 डॉलर का इनाम रखा गया है।