
भारत मे RBI की स्थापना 1 अप्रैल 1935 को हुई RBI(Reserve Bank of India) का मुख्या कार्य महंगाई को नियंत्रित करना होता है इसे बैंको का भी बैंक कहते है यह एक एसी संस्था है जिसके पास सभी बैंक अपना पैसा जमा करके रखती है यह नोट छापने का भी कार्य करती है ओर विदेशी मुद्रा(Forex Reserve) का भी संचय करती है। यह बैंक को लोन देने का भी काम करती है।
Rapo Rate क्या होती है
Rbi bank को लोन देता है ओर जिस व्याज पर वह बैंक को पैसे देती है उसे रेपो रेट(Rapo Rate) कहते है।
Reverse Rapo Rate क्या होती है
जब बैंक अपने पैसे RBI मे जमा करती है तो बैंको को भी RBI कुछ व्याज देती है तो इसे रीवर्स रेपो रेट(Reverse Rapo Rate) कहते है ।
RBI महंगाई को कैसे नियात्रित करती है
एक साधारण उदाहरण की सहायता से समझे तो महंगाई को नियंत्रित करने के लिए rbi बैंको का सहारा लेती है यह बैंको को कहती है की अपनी व्याज दर बड़ा दो जिससे ग्राहक बैंक मे पैसे जमा करे ,यदि लोगों की जेब मे पैसा नहीं होगा तो वह अपनी आवश्यकताये सीमित रखेगा जिससे बाजार मे सामान की उपलब्धता बनी रहेगी ओर महंगाई को नियंत्रित किया जाएगा।
विश्वभर मे चल रहे युद्ध के कारण बाजार मे सामान की कमी के चलते सरकार द्वारा इस प्रकार क्यू कदम उठाए जा रहे है।