
3 सितमबर को भारत की स्पेस एजेंसी ISRO के द्वारा पृथ्वी से 36000 किलोमीटर की ऊचाई पर एक उपग्रह भेजते हुए ऐतिहासिक(Historical) पल रच दिया है। ISRO के द्वारा GSLV(Geo-Synchronus satellite Launch Vehicle)के माध्यम से EOS-05 इमेजिंग उपग्रह(satellite) की सफल लॉन्चिंग की गई है जिसकी जानकारी स्वयं ISRO चीफ के द्वारा ट्वीटर के माध्यम से समस्त देशवासियों को दी गई|
Tweet Taken From ISRO
Mission Success!
— ISRO (@isro) September 3, 2026
GSLV-F17 has successfully accomplished its mission, placing EOS-05 into the intended orbit.
Sharing a few memorable moments from the lift-off.
For more information:https://t.co/VneB2jgZoY#GSLVF17 #EOS05 #ISRO pic.twitter.com/kv0zB6V5Vi
प्रधानमंत्री जी द्वारा भी इस बात की बधाई अपने ट्विटर अकाउंट पर दी गई है
Yet another outstanding achievement by ISRO and a proud moment for our nation.
— Narendra Modi (@narendramodi) September 4, 2026
The successful launch of GSLV-F17 carrying EOS-05, India’s first-ever imaging satellite from Geosynchronous orbit is a reflection of the excellence, innovation and growing capabilities that define… https://t.co/fXzwnSmwAF
इतनी ऊचाई पर उपग्रह भेजने का कारण यह है की जिससे पृथ्वी की सटीक जानकारी ली जा सके क्यूकी जब उपग्रह इतनी ऊचाई पर होता है तो पृथ्वी व उपग्रह{satellite} का घूमना एक साथ होता है। यदि उपग्रह नजदीक हो लगभग लोवर अर्थ ऑर्बिटल मे पृथ्वी से लगभग 2000 किलोमीटर की दूरी पर तो यह उपग्रह(satellite) पृथ्वी के घूमने की तुलना मे बहुत तेजी से घूमेगा जिससे की सटीक जानकारी समय के साथ निकालनी कठिन होती है इसलिए इस प्रकार के उपग्रह का उपयोग करके सटीक जानकारी प्राप्त की जा सकती है।
इसका एक सबसे अच्छा उदाहरण यह है कि जब
भारत के द्वारा अपने परमाणु कार्यक्रम को किया जा रहा था तो उस समय यह कार्य अमेरिका को बिना बताए किया गया था क्यूकी अमेरिका एक परमाणु सम्पन देश था ओर वह नहीं चाहता था की अन्य देश परमाणु सम्पन हो इसलिए यह कार्य अमेरिका के उपग्रह से बचाकर किया गया था क्युकी अमेरिका के द्वारा लोवर अर्थ ऑर्बिटल मे उपग्रह{satellite} स्थापित किया गया था जब यह उपग्रह{satellite} भारत के ऊपर होता तो भारत के वैज्ञानिक अपने काम को रोक देते थे पर जब यह भारत के ऊपर से निकल जाता तो भारतीय वैज्ञानिक पुन अपना कार्य शुरू कर देते।